पर्यावरणीय एवं संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर आयोग ने तय की सुनवाई
बलांगीर (कोशल प्रहरी) कुटरूमाली बॉक्साइट खनन लीज से संबंधित गंभीर मामलों को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने जांच एवं सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने संवैधानिक, वैधानिक एवं पर्यावरणीय सुरक्षा प्रावधानों के कथित उल्लंघन तथा खनन लीज से संबंधित सहमति एवं पर्यावरणीय अनुमतियों को रद्द करने की मांग को लेकर मामले की जांच के लिए सुनवाई निर्धारित की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा 6 अगस्त 2026 को जारी सिटिंग नोटिस के अनुसार, यह मामला राज्यसभा सांसद श्री निरंजन बिशी द्वारा 2 अप्रैल 2026 को भेजे गए पत्र के आधार पर विचाराधीन है। सांसद ने कुटरूमाली बॉक्साइट माइनिंग लीज से संबंधित सहमति एवं पर्यावरणीय अनुमतियों को रद्द करने की मांग उठाई थी तथा संवैधानिक, वैधानिक एवं पर्यावरणीय सुरक्षा प्रावधानों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठाया था। आयोग ने मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के माननीय सदस्य श्री जटोतु हुसैन की अध्यक्षता/उपस्थिति में 17 अगस्त 2026 को दोपहर बाद नई दिल्ली स्थित लोक नायक भवन, बी विंग, छठी मंजिल के आयोग के कोर्ट रूम में सुनवाई निर्धारित की थी। नोटिस में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तथा ओडिशा सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव को निर्धारित तिथि एवं समय पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मामले से संबंधित सभी तथ्यों तथा मूल अभिलेख/दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। आयोग ने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित अधिकारी सुनवाई में उपस्थित नहीं होते हैं, तो संविधान के अनुच्छेद 338A की धारा (8) के तहत आयोग को सिविल कोर्ट की शक्तियों का प्रयोग करते हुए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का अधिकार है। नोटिस की प्रति राज्यसभा सांसद श्री निरंजन बिशी को भी भेजी गई है। मामले में आयोग की जांच एवं सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हुई हैं।

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