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बलांगीर जिला पत्रकार संघ का 65वां स्थापना दिवस

‘MMDR संशोधन अधिनियम राज्य, आदिवासी और ओडिशा की जनता के हितों के विरुद्ध’


कानून वापस लेने की मांग; पत्रकारों को पेंशन और गोपबंधु पत्रकार स्वास्थ्य बीमा राशि ₹10 लाख करने की मांग : पूर्व सांसद निरंजन बिशी

बलांगीर (कोशल प्रहरी) : बलांगीर जिला पत्रकार संघ के 65वें स्थापना दिवस समारोह में पूर्व राज्यसभा सांसद निरंजन बिशी ने खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार, आदिवासी हित, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, किसानों की कर्ज समस्या तथा पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं खनिज संपदा से समृद्ध ओडिशा के दीर्घकालीन हितों की रक्षा के लिए मजबूत संवैधानिक, कानूनी और नीतिगत संरक्षण आवश्यक है।

‘MMDR संशोधन अधिनियम ओडिशा के हित में नहीं’

श्री बिशी ने कहा कि MMDR संशोधन अधिनियम-2026 राज्य विरोधी, आदिवासी विरोधी और ओडिशा की जनता के हितों के प्रतिकूल है। ओडिशा देश के प्रमुख खनिज संपदा संपन्न राज्यों में से एक है। इसलिए खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार तथा उनसे प्राप्त होने वाले राजस्व को कमजोर करने वाला कोई भी प्रावधान राज्य की अर्थव्यवस्था और भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य की सेस, कर, रॉयल्टी तथा अन्य राजस्व प्राप्त करने की शक्ति और अधिकार प्रभावित होते हैं, तो इसका सीधा असर ओडिशा के विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा। श्री बिशी ने कहा, “खनिज केवल जमीन के नीचे मौजूद संपदा नहीं है। उसके साथ हमारी जमीन, जंगल, जलस्रोत, पहाड़-पर्वत, झरने, नदी-नाले, प्रकृति, पर्यावरण और आदिवासी एवं स्थानीय समुदायों का जीवन तथा आजीविका जुड़ी हुई है।” उन्होंने कहा कि खनिज संपदा के दोहन के नाम पर ओडिशा अपनी खदानें, खनिज संपदा, खनिजयुक्त भूमि, वन, जल संसाधन, पहाड़, पर्वत, झरने, नदियां, प्राकृतिक संपदा और पर्यावरणीय अधिकार नहीं खो सकता। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर ओडिशा और यहां की जनता के न्यायसंगत अधिकारों की हर हाल में रक्षा होनी चाहिए।उन्होंने केंद्र सरकार से MMDR संशोधन अधिनियम के राज्य एवं जनहित के प्रतिकूल प्रावधानों को वापस लेने की मांग की।


‘शिक्षा विकास की बुनियाद, बुनियाद कमजोर तो भविष्य कमजोर’

शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व सांसद श्री बिशी ने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति, समाज, राज्य और राष्ट्र के विकास की बुनियाद है। यदि बुनियाद कमजोर होगी तो मजबूत भविष्य का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “ओडिशा की भाषा ओड़िया है। पहली से आठवीं कक्षा तक की शिक्षा बच्चों के जीवन की बुनियाद तैयार करती है। यदि इसी स्तर पर विद्यार्थियों को त्रुटिपूर्ण, कमजोर अथवा गुणवत्ताहीन शिक्षा दी जाएगी तो उनकी शैक्षणिक नींव कमजोर होगी और इसका प्रभाव उनके पूरे भविष्य पर पड़ेगा।” उन्होंने प्राथमिक एवं बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा विद्यार्थियों को सही, गुणवत्तापूर्ण और मातृभाषा आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

महंगाई से गरीब, किसान और मध्यम वर्ग पर बढ़ रहा बोझ

चीनी, प्याज और खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं के साथ पेट्रोल, डीजल तथा रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए श्री बिशी ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर गरीबों, किसानों, श्रमिकों, निम्न आय वर्ग और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ता है। सरकार को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने और आम जनता को महंगाई से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

‘कॉरपोरेट को राहत मिल सकती है तो किसानों और गरीबों को क्यों नहीं?’

ऋण और दिवाला समाधान व्यवस्था का उल्लेख करते हुए श्री बिशी ने कहा कि Insolvency and Bankruptcy Code के तहत बड़ी कंपनियों एवं कॉरपोरेट संस्थाओं के ऋण के पुनर्गठन और समाधान की व्यवस्था है। ऐसी स्थिति में ऋण के बोझ से दबे किसानों, गरीबों और छोटे कर्जदारों के लिए भी मानवीय एवं न्यायसंगत नीति होनी चाहिए। उन्होंने बड़े कॉरपोरेट ऋणों के समाधान और भारी ऋण कटौती से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि बड़ी कंपनियों के लिए हजारों करोड़ रुपये के ऋण के पुनर्गठन अथवा समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है, तो संकटग्रस्त किसानों और गरीब परिवारों के ऋण के प्रति भी सरकार को उदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि गरीबों और जरूरतमंद किसानों के पात्र ऋण माफ किए जाएं तथा किसानों, गरीबों और छोटे उद्यमियों को सरल शर्तों पर, यथासंभव बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया जाए।

पत्रकारों को मिले पेंशन, स्वास्थ्य बीमा बढ़ाकर ₹10 लाख किया जाए

पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए श्री बिशी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकार समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु हैं। जनसमस्याओं, जनहित और आम आदमी की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले पत्रकारों और उनके परिवारों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। श्री बिशी ने मांग की कि प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पात्र पत्रकारों के लिए नियमित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना लागू की जाए तथा गोपबंधु पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना की बीमा राशि बढ़ाकर ₹10 लाख की जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को केवल कल्याणकारी कदम के रूप में नहीं, बल्कि लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण स्तंभ को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक पहल के रूप में देखा जाना चाहिए।

स्थापना दिवस समारोह में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

बलांगीर जिला पत्रकार संघ के 65वें स्थापना दिवस समारोह में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विधायक लक्ष्मण बाग, जिला परिषद अध्यक्ष देवकी साहू तथा बलांगीर नगरपालिका अध्यक्ष लिका साहू सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। वरिष्ठ पत्रकार रवि दास मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बलांगीर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष शिव प्रसाद परिड़ा ने की। समारोह में संघ के पदाधिकारियों, वरिष्ठ पत्रकारों, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.

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